Fight Against Corruption

 

 

Protest March in Model Town

 

Let's Meet To Voice Out:

 

IAC-JALANDHAR  urge the youth of Punjab to raise their voice against corruption in the Country. (Contact: 9814030086)

जिंदा हो तो आवाज़ दो, जंगे-आज़ादी part-2 के आगाज़ को

 

  1. AAM AADMI PARTY (AAP) के गठन पर सारे देशवासियों को बहुत-2 बधाई।
  2. Kejriwal should challenge Rahul Gandhi & Gadkari for Public Debate.
  3. IAC का मकसद सिर्फ बिजली दरों मे कटौती, रोबर्ट वाडर्रा-सलमान खुरशीद-नितिन गडकरी जैसे भष्टाचारियों का परदाफाश करना ही नहीं बल्की इस आंदोलन का लक्छ है भारत में पूर्ण स्वराज स्थापित करना
  4. लोकतंत्र में सरकारी तंत्र लोक के अधीन हो, उनके प्रति जवाबदेह हो सत्ता सीधे जनता के पास हो, न की अफसरों और नेताओं के पास
  5. सरकार Globalisation के नाम पर GATT जैसी तानाशाह संधियों/नीतियों के बहाने हिन्दुस्तान के व्यापार, उद्योग, प्राक्रतिक संसाधनों व उससे प्राप्त लाभांश को विदेशियों के हाथ देकर देश को आर्थिक रूप से कमजोर कर रही है और हिंन्दुस्तान की सामाजिक एवं धार्मिक संस्थायों के खिलाफ नितीयां बना रही है।
  6. देश के लोगों का नैतिक रूप से, चारित्रिक रूप से एवं सामाजिक रूप से पतन करने वाली सरकारी नीतीयां बदली जानी चाहिए
  7. हमारा अतीत ये बताता है, जब दुशमन चोरी से घुस आता है। कोतवाल अर्थशास्त्रों मे फंसा रहता है, फिर आम आदमी ही तलवार उठाता है
  8. देश के Media  और देशवासीयों से अनुरोध है कि देश के प्रती अपनी जिम्मेदारियों को समझें :- GATT (General Agreement on Tariffs and Trade) की तानाशाह नीतियों के तहत Subsidy ओर स्वदेशी संस्थायों को खत्म करना सरकार की मजबूरी है जिससे American Companies का भारतीय बाजार मे आना आसान हो जाएगा ओर जिसकी वजह से भारतीय बाजार मे उनकी Monopoly ओर बढ जाएगी जो गुलामी का सूचक है:-

    देश के व्यापार, उद्योग, प्राक्रतिक संसाधनों उससे प्राप्त लाभांश को विदेशियों को देना देश को आर्थिक रूप से कमजोर करना है। देश के प्रतिष्ठित नेता, Cricketers और Filmstars जिन्हें देश के स्वाभीमान की रक्षा करनी चाहिए वो ही विदेशी कंम्पनीयों के Agent  बने बैठे हैं । हिन्दुस्तान को European Countries के products का गुलाम बनाने का काम बंद किया जाए। आज रोज़-मर्रा की ज़िदगी मे इस्तेमाल होने वाली हर चीज़ American Companies बना रहीं हैं।  Indian Manufacturing Industries को भी मुकाबले मे खड़ा किया जाए। Competition होगा तो कीमतें घटेंगी। नहीं तो गरीब जनता की जेब से निकल कर पैसा मुनाफे के रूप मे American companies और उनकी Countries मे ही जाएगा।

  9. बढ़ता Import और घटता Export भारत के लिए अच्छा संकेत नहीं है। Globalisation के तहत Devaluation of Indian Currency इक शड़यंत्र है Developing countries के खिलाफ।

  10. देश एक बार फिर European Products का गुलाम होता जा रहा हे ओर अपने स्वाभिमान को भूलता चला जा रहा है। अगर इसी तरह American Companies/Products की Monopoly हर छेत्र में बनती रही ओर American/European Countries ने अपना असली रंग (मंहगाई के रूप में) दिखाना शुरू किया तो हिंदुस्तानियों के पास घुटना टेकने के इलावा कोई विक्लप नहीं होगा

  11. What you choose: Be INDIAN & Buy INDIAN...OR...Be INDIAN & Buy AMERICAN